Thursday, October 2, 2008

Shayari

1. जब हम पास ना होंगे तो हमे याद करोगे।
जब आँखे होंगी नम तो उन्हें पोछने के लिए हम ना होंगे।
2. हम ना होंगे तो हमारी यादे होंगी।
जब चले जायेंगे तेरी महफिल से तो हमारी ही बाते होंगी।
3. मेरे बिना होंगी तेरी महफिल सुनी सुनी सी तब तुम्हे याद आयेंगे हम।
तब शायद तेरे बुलावे पे ना आयेंगे हम।
4. तेरी यादो के सहारे कट जायेगी यह जिन्दगी हमारी अब।
याद करोगी तुम भी हमे लेकिन तुम्हारे पास न होंगे हम तब।

No comments:

Day 426

It has been more than a fortnight since I wrote my last blog. I know again I’m becoming irregular in writing the post. Numerous times ...